बिलासपुर : (छत्तीसगढ़) भारत को आमतौर पर ” गांवों का देश ” कहा जाता है क्योंकि यहां की लगभग 68 से 70 % आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और देश की सामाजिक आर्थिक संरचना में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
गांव न सिर्फ भारत की संस्कृति, परंपराओं, और जीवन शैली का गढ़ है, बल्कि वे देश की आर्थिक नींव भी है, क्योंकि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
ग्रामीण भारत में लोगों का जीवन सरल और प्रकृति के करीब होता है। गांवों में पारिवारिक संरचना मजबूत होती है और समाज में मेल-जोल अधिक होता है। यहाँ के लोग खेती-बाड़ी व अन्य सहायक कार्यों से जुड़कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इसी कारण गांवों को ” देश की आत्मा ” माना जाता है।
भारत सरकार गांवों में विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाती है, जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) , ग्रामीण आवास योजना आदि, जिसका उद्देश्य गांवों को सशक्त बनाना और जीवन स्तर सुधारना है।
तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद अगर किसी गांव या ग्राम पंचायत का विकास शून्य हो तो आप क्या कहेंगे। ग्राम पंचायत की घटिया जानलेवा सड़कें, जर्जर स्कूल, पंचायत भवन का ना होना, अनाज गोदाम का ना होना , 24 घंटे बिजली का ना होना आदि तमाम ऐसे मुद्दे हैं जो बिलासपुर जिले की तहसील रतनपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत छतौना और परसापानी में देखने को मिल जाएगा।
आपको बता दें कि ग्राम पंचायत छतौना और परसापानी की विकास की भयावह तस्वीर के मामले को हमारे सामने रखने वाले राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास हैं। विगत दिनों पार्टी के संगठन ढाँचे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बिस्वास से चर्चा के दौरान पता चला कि रतनपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसापानी में समस्याओं का अंबार ही अंबार है। abc newz की टीम ने निलेश बिस्वास और उनके कार्यकर्ताओं के साथ पूरे क्षेत्र का दौरा किया। पंचायत स्तर के हर कोने को जाँचा परखा गया। पंचायत की सड़कें, स्कूल, जंगल विभाग की सड़कें, आदिम जाति कल्याण विभाग का छात्रावास आदि का गहन निरीक्षण किया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास ने हमारा ध्यान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर केंद्रित किया। हमने जब ग्राउंड रिपोर्ट कवर की तो ये समझ में आया कि सड़क है ही नहीं, सड़क के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की सड़कों का हम आपको हर एंगल से वीडियो दिखाएंगे, जिससे आपको ये पता लगेगा कि विभाग के अधिकारियों ने गांव के लोगों के साथ क्या छल किया है……
ऐसा माना जाता है, भारत में ग्राम पंचायत के विकास में कम से कम आठ विभागों का सीधा दखल होता है, जो साथ मिलकर ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढाँचे, कृषि, स्वास्थ्य, बिजली , शिक्षा, रोज़गार, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष बिस्वास कहते हैं कि छतौना और परसापानी पंचायत का सघन जनसंपर्क और सर्वे करने से पता चला कि एक भी सरकारी विभाग गांवों के विकास के प्रति गंभीर नहीं है। बिस्वास कहते हैं पार्टी के जनसंपर्क अभियान के दौरान दोनों पंचायतों ने सबसे बड़ी समस्या जुनवानी नाले के ऊपर पुलिया निर्माण की रखी। ग्रामीणों का कहना था कि छोटे- छोटे स्कूली बच्चे परसापानी से छतौना स्कूल अपनी जान जोखिम में डालकर रोज स्कूल जाते हैं, किसी भी वक्त बहुत बड़ा हादसा हो सकता है।
नीलेश बिस्वास ने गांव वालों को आश्वाशन दिया कि वो संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर पुलिया का निर्माण अतिशीघ्र करवाएंगे। abc newz की टीम ने जब बिस्वास से दोनों पंचायतों की बदहाल व्यवस्था के बारे में चर्चा कि तो लगा कि बिस्वास इन पंचायतों के क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की बारीक जानकारी रखते हैं। दोनों पंचायतों की बदहाली पर abc newz ने नीलेश बिस्वास से कुछ सवाल किए। उन्होंने बेबाकी से हमारे हर सवाल का जवाब दिया। सुनिए बिस्वास क्या बोल रहे हैं……
राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के नेता निलेश बिस्वास ने आगे कहा कि आने वाले समय में इन पंचायतों में हो रहे तमाम घोटालों का पर्दाफाश करेंगे। ग्रामीण विकास के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अंजाम चाहे जो भी हो।
बिलासपुर जिले की रतनपुर तहसील के ग्राम पंचायत छतौना और परसापानी की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट से साफ नजर आता है कि तकरीबन हर विभाग बड़े भ्रष्टाचार की चपेट में है। धरातल में देखने से ये पता चलता है कि सरकारी योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन का लाभ सीधे जनता तक नहीं पहुँच रहा है, बल्कि भ्रष्टाचार के कारण विकास पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है।
ग्रामीण जनता की परेशानियों और विकास कार्यों में बाधा डालने वाले इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कड़ी कार्यवाही, पारदर्शिता और जनता की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। शासन प्रशासन को चाहिए कि पंचायतों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कड़े कदम उठाए, तभी गांवों का सही विकास हो सकता है।
abc newz के साथ बने रहिये….
प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास ने abc newz से कहा कि आने वाले दिनों में इन पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार के और भी खुलासा करेंगे…..

