भारत को दुनिया का सबसे युवा देशों में गिना जाता है। देश की आधी आबादी लगभग 30 वर्ष से कम आयु की है। सरकारें इसे *demographic dividend* यानी जनसांख्यिकीय शक्ति कहती है। लेकिन पिछले एक दशक से यही युवा वर्ग सबसे अधिक असंतोष , निराशा और संघर्ष का सामना करता दिखाई दे रहा है।
वैसे तो भारत में रोज़गार को लेकर काफी दशकों से समय–समय पर युवाओं द्वारा प्रोटेस्ट होते रहे हैं। 2014 के बाद भारत के युवाओं ने केवल रोज़गार ही नहीं, बल्कि शिक्षा , भर्ती प्रक्रिया , परीक्षा व्यवस्था , सामाजिक न्याय और भविष्य की सुरक्षा जैसे अनेक मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाई है। आज का युवा केवल नौकरी नहीं मांग रहा , बल्कि वह निष्पक्ष अवसर , पारदर्शिता और सम्मानजनक भविष्य की मांग कर रहा है।
देश में paper leaks के मामले और युवाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मद्देनजर राहुल गांधी ने NEET–UG पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर देशभर में छात्र अभियान शुरू करने की घोषणा की है। कांग्रेस पार्टी के अनुसार , इसका पहला चरण 17 जून 2026 से शुरू होगा।

कार्यक्रम में क्या होगा
राहुल गांधी विभिन्न शहरों में बड़े छात्र सम्मेलन (student coventions) करेंगे , जहां वे छात्रों , उनके माता–पिता और युवा संगठनों से सीधे संवाद करेंगे। मुख्य मुद्दे होंगे…
* NEET–UG पेपर लीक
* परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता
* NTA की कार्यप्रणाली
* युवाओं में बेरोज़गारी
* शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
किन शहरों में कार्यक्रम होने वाला है ?
कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रथम चरण के कार्यक्रम में प्रमुख शहरों में कोटा , प्रयागराज , पटना और दिल्ली शामिल है। इन स्थानों पर छात्र सम्मेलन के माध्यम से राहुल गांधी युवाओं से संवाद करेंगे।

राहुल गांधी की मुख्य मांगे
राहुल गांधी लगातार मांग कर रहे है कि..
* NEET पेपर लीक की पूरी जांच हो
* दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो
* परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाया जाए
* केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें हटाया जाए
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और मजबूत परीक्षा व्यवस्था लागू नहीं की जाती।
क्या बड़े आंदोलन की तैयारी है ?
कांग्रेस और उसके छात्र संगठन National Students Union Of India तथा Indian Youth Congress पहले ही देशभर में दर्जनों प्रदर्शन कर चुके हैं। छात्र सम्मेलन इस आंदोलन का अगला चरण माना जा रहा है।
राहुल गांधी के इस अभियान को केवल NEET पेपर लीक आंदोलन के रूप में देखना अधूरा होगा। राजनीतिक दृष्टि से यह कांग्रेस का ” युवा असंतोष अभियान “ है , जिसमें पेपर लीक , बेरोज़गारी , भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था को एक साथ जोड़ा जा रहा है।

जमीनी स्तर पर क्या होगा ?
कांग्रेस ने NSUI , युवा कांग्रेस , प्रदेश कांग्रेस समितियों और जिला इकाइयों को व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसमें शामिल होंगे…
* कॉलेज और विश्विद्यालय संपर्क अभियान
* कोचिंग संस्थानों में संवाद
* सोशल मीडिया कैंपेन
* छात्रों से सीधे फीडबैक
* डिजिटल और भौतिक निमंत्रण
* लाइव स्क्रीनिंग और जनसभाएं
इस आंदोलन का संभावित राजनीतिक असर
यदि NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों में असंतोष बना रहता है , तो यह मुद्दा 2027 के कई विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव तक प्रभाव डाल सकता है। कांग्रेस इसी संभावना को देखते हुए इस मुद्दे को लंबी राजनीतिक लड़ाई में बदलना चाहती है। वहीं भाजपा का पक्ष है कि दोषियों पर कार्यवाही की जा रही है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक संगठित राष्ट्रीय अभियान है , जिसका लक्ष्य छात्रों और युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ना , पेपर लीक और बेरोज़गारी को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनाना तथा केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाना है। यदि इन सम्मेलनों में बड़ी संख्या में छात्र जुटते हैं , तो यह 2026–27 की राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
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