बिलासपुर (छत्तीसगढ़) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसकी शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को हुई थी। इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की (all weather) सड़कों से जोड़ना, दूर – दराज़ गांवों को शहरों और मुख्य सड़कों से जोड़ना जिससे शिक्षा, स्वास्थ और रोज़गार तक आसान पहुंच हो सके और ग्रामीण विकास में तेज़ी लाना है। इस योजना में 500+ आबादी वाले गांव (पहाड़ी/जनजाति क्षेत्रों में 250+) को जोड़ना प्राथमिकता में आता है। इस योजना में पूरी तरह से क्वालिटी और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू है।
वैसे तो पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश से आए दिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़कों में हो रहे भ्रष्टाचार की खबरें आती रहती हैं , इसी कड़ी में बिलासपुर संभाग कार्यालय के अंतर्गत बन रही सड़कों में हो रहे भ्रष्टाचार की भी खबरें आए दिन मीडिया के अखबारों और चैनल्स की सुर्खियों में रहती है।
इस भ्रष्टाचार को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास ने बिलासपुर के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत् यहां पदस्थ अधीक्षण अभियंता (SE) वरुण सिंह राजपूत के प्रमोशन के दस्तावेज़ मांगे थे। प्रश्न में था कि वरुण सिंह राजपूत सब इंजीनियर से SDO और SDO से EE और फिर EE से SE में किन–किन वर्षों में प्रमोट हुए। इस RTI के जवाब में PMGSY कार्यालय से जवाब आया कि SE वरुण सिंह राजपूत के प्रमोशन की जानकारी निजी जानकारी है, इसलिए 8(1)(j) के तहत जानकारी देना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय बिलासपुर के अधिकारियों को हम बताना चाहते हैं कि RTI act की धारा 8 (1) (j) के अनुसार ऐसी व्यक्तिगत जानकारी जिसे सार्वजनिक गतिविधि या जनहित से कोई लेना–देना न हो या जिससे किसी व्यक्ति की निजता (privacy) का अनावश्यक उल्लंघन हो, उसे देने से मना किया जा सकता है। दूसरी तरफ सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अगर अधिकारी के प्रमोशन की जानकारी बड़ा जनहित (larger public iinterest) साबित होता है तो यही जानकारी देना अनिवार्य है।
आपको बता दें RTI act के तहत किसी सरकारी अधिकारी का प्रमोशन, नियुक्ति प्रक्रिया, योग्यता और सर्विस रिकॉर्ड ( आंशिक रूप से ) , ये सब पब्लिक डोमेन की जानकारी मानी जाती है, क्यों कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय में पदस्थ अधिकारी पब्लिक सर्वेंट है और उसकी पोस्ट और प्रमोशन टैक्सपेयर के पैसे से जुड़ी है, इसलिए RTI act के तहत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रमोशन से जुड़ी जानकारी को “निजी जानकारी” बताकर रोकना act के नियमों का घोर उल्लंघन माना जाता है। कई केंद्रीय सूचना आयोग के फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि सर्विस मैटर= पब्लिक इंटरेस्ट माना गया है। इसका मतलब ये है कि RTI act साफ कहता है कि जहां जनहित जुड़ा हो, वहां जानकारी देना जरूरी है, और अधिकारी के प्रमोशन जैसी प्रक्रिया सीधे तौर पर पब्लिक सर्विस से जुड़ी होती है।

मामला साफ है कि बिलासपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संभागीय कार्यालय में सूचना के अधिकार यानी RTI act की खुलेआम और बेखौफ होकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। आरोप है कि अधिकारी लगातार धारा 8(1) ( j ) का गलत इस्तेमाल कर जानकारी देने से बच रहे हैं और यही बनता जा रहा है भ्रष्टाचार को छुपाने का अधिकार।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय बिलासपुर के अंतर्गत हो रहे बड़े–बड़े भ्रष्टाचार के मामले में NCP छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस कार्यालय के ज्यादातर अधिकारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं और इनकी शिकायत सूचना आयोग और CBI से की गई है। इस कार्यालय के अंतर्गत हो रहे भ्रष्टाचार में लिप्त जो भी अधिकारी शामिल है उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
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