बिलासपुर : (छत्तीसगढ़) पत्रकारिता जगत के एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय, पत्रकारों के संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े मसले को लेकर 2 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में अधिवेशन होने जा रहा है। लखीराम अग्रवाल सभागार में देश से जाने-माने वक्ता पत्रकार सुरक्षा कानून विषय पर अपनी-अपनी राय रखेंगे। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति से राकेश सिंह परिहार और गोविंद शर्मा ने अतिथियों की उपस्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी । अतिथियों की सूची इस प्रकार है।
* मुख्य अतिथि : तोखन साहू (सांसद बिलासपुर, केंद्रीय राज्य मंत्री)
* विशिष्ट अतिथि : अमर अग्रवाल,विधायक, बिलासपुर
* प्रमुख वक्ता : शीतल पी सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)
* मुख्य वक्ता: विश्वेश ठाकरे (मैनेजिंग एडिटर, ibc 24 न्यूज़ चैनल)
* मुख्य वक्ता : सुनील सिंह बघेल (वरिष्ठ पत्रकार)
* विशिष्ट अतिथि : अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा)
* विशिष्ट अतिथि : रजनेश सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर)
* विशिष्ट अतिथि : शंकर पांडे (वरिष्ठ पत्रकार)
* विशिष्ट अतिथि : प्रफुल्ल ठाकुर (अध्यक्ष, प्रेस क्लब, रायपुर)
* विशिष्ट अतिथि : सैयद खालिद कैश (अधिवक्ता एवं पत्रकार)
* विशिष्ट अतिथि : राज गोस्वामी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश पत्रकार संघ)
* विशिष्ट अतिथि : अमित गौतम ( प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन)
* विशिष्ट अतिथि : व्यास पाठक (वरिष्ठ पत्रकार)
* विशिष्ट अतिथि : सेवकदास दीवान (प्रदेश अध्यक्ष, पत्रकार कल्याण महासंघ)
* विशिष्ट अतिथि : बप्पी राय (दंतेवाड़ा जिला)
* विशिष्ट अतिथि : अनिल शंखरे
* विशिष्ट अतिथि : धर्मेंद्र महापात्र (सचिव : जगदलपुर प्रेस क्लब)

भारत में पत्रकार सुरक्षा कानून की स्थिति
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र ने 2017 में ” media persons and media institutions ” (हिंसा और संपत्ति की क्षति की रोकथाम) नामक कानून पारित किया। इस कानून के तहत पत्रकारों पर हमला गैर जमानती अपराध माना जाता है और ऐसे अपराधियों को तीन साल तक जेल और 50000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है। यह कानून पत्रकारों और उनके संस्थानों की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है, जिसमें संविदा आधारित पत्रकार भी शामिल हैं। जाँच उच्च पुलिस अधिकारी द्वारा की जाती है।
छत्तीसगढ़ : वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया, जो पत्रकारों के साथ हिंसा और प्रताड़ना को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया। इस कानून के तहत पत्रकारों का पंजीयन होगा और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना पर जवाबदेही तय होगी। इसमें 25000 रुपए का जुर्माना भी निर्धारित है।
भारत में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को छोड़कर जहाँ कोई विशिष्ट पत्रकार सुरक्षा कानून नहीं है , वहाँ पत्रकारों की सुरक्षा सामान्य नागरिकों के लिए बनाए गए सुरक्षा कानूनों के तहत होती हैं।

