बिलासपुर : (छत्तीसगढ़) किसी भी राज्य में एयरपोर्ट का होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह क्षेत्रीय विकास, व्यापार, पर्यटन, रोज़गार और इमरजेंसी सेवाओं में अहम भूमिका निभाता है। एयरपोर्ट किसी भी राज्य को देश और विदेश के बड़े शहरों से सीधा जोड़ता है। एयरपोर्ट के माध्यम से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, होटल, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन आदि क्षेत्रों में नए-नए रोज़गार और निवेश के अवसर पैदा होते हैं।

अगर किसी भी राज्य में एयरपोर्ट में सुविधाओं को लेकर लगातार 6 सालों से संघर्ष किया जाए तो आप समझ सकते हैं कि सरकार की मंशा क्या है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लिए एयरपोर्ट में सुविधाओं की मांगों को लेकर बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति बिलासपुर ने नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन के माध्यम से क्या-क्या बातें रखीं….
* बिलासपुर में 4C एयरपोर्ट बनाने के लिए 500 करोड़ रुपए का केंद्र सरकार से अनुदान।
* 25 सालों में केंद्र और राज्य की सरकारों ने छत्तीसगढ़ के नाम पर केवल रायपुर, दुर्ग, भिलाई क्लस्टर को ही सारे विकास की सौगातें दी हैं। बिलासपुर को रेलवे जोन और हाइकोर्ट के अलावा कोई भी बड़ी सौगात नहीं दी गई है। AIIMS,IIT,IIIT,NIT,IIM,NLU सभी रायपुर में स्थापित किए गए हैं।
* बिलासपुर, जो छत्तीसगढ़ के 14 जिलों के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, वहाँ आजतक एक सर्व सुविधा युक्त एयरपोर्ट नहीं बनाया गया।

* वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे 1500 मीटर से बढ़ा कर 2900 मीटर किए जाने की योजना है, परन्तु इसके लिए आवश्यक ज़मीन 290 एकड़ केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन है, जो राज्य सरकार को वापस मिलनी चाहिए। ज़मीन पर प्रस्तावित रक्षा मंत्रालय का प्रोजेक्ट कई साल पहले ही ड्रॉप हो गया है। रक्षा मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच एयरपोर्ट की जमीन की कीमत को लेकर पिछले 4 साल से विवाद चल रहा है, और अभी भी कोई हल नहीं निकला है।
* वर्तमान में बिलासपुर से चल रही उड़ानों की संख्या पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यहाँ रनवे छोटा है। छोटे विमानों की नियमित उड़ानों के लिए संघर्ष समिति ने ज्ञापन के माध्यम से उड्डयन मंत्रालय से तत्काल परमिशन के लिए भी जोर दिया।

बिलासपुर के नेहरू चौक में ज्ञापन देने के पश्चात संघर्ष समिति के convener सुदीप श्रीवास्तव ने abc newz से क्या कहा, सुनिए……
4C श्रेणी के एयरपोर्ट का क्या मतलब है….
* 4C श्रेणी के एयरपोर्ट का मतलब है कि यहां बड़े विमान जैसे airbus A 320 और boeing 737 जैसे जेट आसानी से उतर सकते हैं और टेकऑफ़ कर सकते हैं, क्योंकि रनवे की लंबाई, चौड़ाई और अन्य सुविधाएं इस स्तर की फ्लाइट के लिए उपयुक होती हैं।
* ऐसे एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई करीब 1800 मीटर या अधिक होती है, ताकि बड़े विमान लैंडिंग और टेकऑफ़ आसानी से कर सकें।
* एयरपोर्ट पर संचार और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक जैसे VHF, HF रेडियो , मॉडर्न ATC सिस्टम, ASR/ MSSR रडार आदि अनिवार्य होता है।
* आपातकालीन सेवाओं जैसे अग्निशमन, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार रखना पड़ता है।
बहरहाल बिलासपुर हवाई जनसंघर्ष समिति के समस्त पदाधिकारियों और भागीदारों ने कहा कि जब तक एअरपोर्ट पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष चलता रहेगा।
देखा जाए तो छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ये बहुत शर्म की बात है कि राज्य के दूसरे बड़े जिले बिलासपुर में एयरपोर्ट विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों को जनसंघर्ष करना पड़ रहा है। केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार है, बिलासपुर सांसद तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं, बिलासपुर जिले से ही अरुण साव राज्य सरकार में उप मुख्यमंत्री हैं, इनको संघर्ष समिति की मांगों के ऊपर सकारात्मक और त्वरित ऐक्शन लेकर एयरपोर्ट के विकास को सुनिश्चित करना चाहिए।
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