बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायतों परसापानी और बंगलाभाटा में आजादी के बाद से ही सड़कें और पुल–पुलिया न बनने से आदिवासी ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चे और आम लोग कीचड़ भरी राहों पर जूझ रहे हैं, खासकर माँनसून में स्थिति बहुत ही खतरनाक और भयावह हो जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसों पुरानी यह समस्या अब जानलेवा आफत हो गई है । बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए घंटों पैदल चलते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीमारों को अस्पताल ले जाना तो दूर की बात, सामान ढोना भी चुनौतीपूर्ण है। ग्रामीणों ने कई बार कलेक्टर, जिला पंचायत और अन्य विभागों में शिकायत की , लेकिन किसी भी बड़े अधिकारी ने आज तक कोई भी जवाब नहीं दिया।

इन ग्रामीण सड़कों और पुल–पुलियों के निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की होती है , जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कार्य करता है। लोक निर्माण विभाग (PWD) बड़े मार्गों और मजबूतीकरण के लिए जिम्मेदार होता है। जिला पंचायत और ब्लॉक विकास अधिकारी प्रस्ताव तैयार कर फंड आबंटन सुनिश्चित करते हैं। ग्राम पंचायत सरपंच/पंच स्थानीय स्तर पर सर्वे और निगरानी की जिम्मेदारी रखते हैं। इन विभागों के बीच समन्वय की कमी से परसापानी और बंगलाभाटा के आदिवासी लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। नेता और अधिकारी अपनी–अपनी मौज में हैं।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सड़क परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ रहे हैं , खासकर बिलासपुर जिले का PMGSY का अधीक्षण अभियंता कार्यालय संदेह के दायरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि फंड आबंटित होने के बावजूद कागज़ों पर काम दिखाकर पैसा गबन कर लिया जाता है। ठेकेदारों और आधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों के प्रोजेक्ट फील्ड से गायब है। बिलासपुर जैसे जिलों में हाल ही में 124 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली, लेकिन दूरस्थ गांवों तक फंड नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों को शक है कि परसापानी और बंगलाभाटा ग्राम पंचायत में भी इसी तरह साजिश हो रही है।

बहरहाल बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के परसापानी और बंगलाभाटा ग्राम पंचायतों में सड़क–पुलों के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश बिस्वास ने भ्रष्टाचार के इस मामले को लेकर बिलासपुर हाइकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। आज यानी 8 मई 2026 को इस याचिका पर सुनवाई होनी है। NCP नेता निलेश बिस्वास ने इसे “PMGSY घोटाला” करार देते हुए हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब देखना ये है कि, हाईकोर्ट इस मामले में आज क्या निर्णय लेता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हाइकोर्ट से ही आखिरी उम्मीद है।
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